आज हम सीखेंगे कि विलयनों की सान्द्रता को किस प्रकार व्यक्त किया जाता है [CONCENTRATION OF SOLUTION] विलयन के संघटन को उसकी सान्द्रता (Concentration) के रूप में व्यक्त किया जाता है। किसी विलयन की सान्द्रता का अर्थ विलेय की उस मात्रा से है जो विलयन या विलायक की निश्चित मात्रा या आयतन में घुली हो।
विलयन की सान्द्रता को निम्न प्रकार से व्यक्त किया जा सकता है।
- द्रव्यमान प्रतिशत (Mass percentage % w/w)
- आयतन प्रतिशत (Volume Percentage % v/v)
- द्रव्यमान आयतन प्रतिशत (% w/v)
- पार्ट प्रति मिलियन (Part per Million)
- मोल अंश या मोल भिन्न या मोल प्रभाज (Mole Fraction)
- मोलरता (Molarity-M)
- फार्मलता (Formality) (F)
- मोललता (Molality-m)
द्रव्यमान प्रतिशत (Mass percentage % w/w)
किसी विलयन के 100 ग्राम में उपस्थित विलेय की ग्रामों में संख्या उस विलयन की द्रव्यमान प्रतिशत (%w/w) कहलाती है।
सामान्यतया विलेय को A द्वारा तथा विलायक को B द्वारा प्रदर्शित किया गया है।
WA = विलेय का ग्राम में द्रव्यमान
WB = विलायक का ग्राम में द्रव्यमान
WA + WB = विलयन का ग्राम में द्रव्यमान
उदाहरण. 20 ग्राम शर्करा (चीनी) को 80 ग्राम जल में घोला गया तो शर्करा का द्रव्यमान % ज्ञात कीजिये।
हल- शर्करा का द्रव्यमान = 20 ग्राम
जल का द्रव्यमान = 80 ग्राम
विलयन का द्रव्यमान = 20+80 =100 ग्राम
शर्करा का द्रव्यमान प्रतिशत = (20/100 )x100 = 20% w/w
आयतन प्रतिशत (Volume Percentage % v/v)
किसी विलयन के 100 mL में उपस्थित विलेय की मात्रा (mL में) , उस विलयन की आयतन प्रतिशत (%/v/v) कहलाती है।
विलेय पदार्थ की आयतन प्रतिशतता :
द्रव्यमान आयतन प्रतिशत (% w/v)
किसी विलयन के 100 mL में उपस्थित विलेय की मात्रा (ग्रामों में ), उस विलयन की द्रव्यमान आयतन प्रतिशत (%w/v) कहलाती है।
उदा. 2% w/v NaCl विलयन के 400mL बनाने के लिये कितने ग्राम NaCl की आवश्यकता होगी ?
हल– द्रव्यमान-आयतन प्रतिशत = 2%
विलयन का आयतन = 400 mL
2= (विलेय (NaCl) का द्रव्यमान /400)×100
विलेय (NaCl) का द्रव्यमान = 8g
पार्ट प्रति मिलियन (Part per Million)
किसी विलेय पदार्थ के भार भागों की वह संख्या, जो किसी विलयन के 106 [एक मिलियन अर्थात् 10,00,000 (दस लाख)] भार भागों में उपस्थित हो, पार्ट पर मिलियन (ppm) कहते हैं।
उदा. समुद्री जल के प्रति किलोग्राम में 5.8×10-3gm ऑक्सीजन घुली है। ऑक्सीजन की सान्द्रता ppm में ज्ञात कीजिये।
हल- ppm = (5.8×10-3/1000)×106 = 5.8 ppm
मोल अंश या मोल भिन्न या मोल प्रभाज (Mole Fraction)
किसी मिश्रण में किसी तत्व/अवयव का मोल अंश उस अवयव के मोलों और मिश्रण में मौजूद मोलों की कुल संख्या का अनुपात होता है। इसे सामान्यतः X द्वारा दर्शाया जाता है।
यदि एक द्विअंगी मिश्रण में दो अवयव A और B है जिनके मोलों की संख्या क्रमशः nA और nB है। यदि इनके मोल अंश क्रमशः XA और XB हो तो –
यदि किसी विलयन में i अवयव हों तो
एक मिश्रण में उपस्थित सभी अवयवों के मोल अंश का योग एक होता है।
अतः X1+X2+X3……. + Xi = 1
Note:- यदि मोल अंश को 100 से गुणा कर दिया जाये तो मोल प्रतिशत ज्ञात हो जाता है।
उदा. एक मिश्रण में A के 0.5 मोल, B के 0.2 मोल में उपस्थित हैं, A व B के मोल भिन्न ज्ञात करो ?
हल-कुल मोल = .5 +.2 = .7
XA=.5/.7=5/7
XB=.2/.7=2/7
NCERT पाठ्यपुस्तक का उदाहरण 1.1 : एथिलीन ग्लाईकॉल (C2H6O2) के मोल अंश की गणना करो यदि विलयन में C2H6O2 का 20% द्रव्यमान उपस्थित हो।
हल- ग्लाईकॉल का द्रव्यमान = 20gm
जल का द्रव्यमान = 80 gm
ग्लाईकॉल (C2H6O2) का मोलर द्रव्यमान =2×12+6×1+2×16 =62
ग्लाईकॉल (C2H6O2) के मोल = 20/62 = 0.32
जल के मोल =80/18 = 4.44
Xग्लाईकॉल =0.32/(0.32+4.44) = 0.068
X जल = 1 – 0.068 = 0.932
मोलरता (Molarity-M)
एक लीटर विलयन में घुले हुये विलेय के मोलों की संख्या उस विलयन की मोलरता कहलाती है। मोलरता को (M) द्वारा प्रदर्शित करते हैं।
NCERT पाठ्यपुस्तक के उदाहरण1.2 उस विलयन की मोलरता की गणना कीजिये जिसमें 5gm NaOH, 450 mL विलयन में घुला हुआ है।
हल- विलेय का द्रव्यमान (WA) = 5 gm
विलयन का आयतन V(Sol)mL = 450 mL
विलेय का मोलर द्रव्यमान (MA) = 40 gm
M = (WA ×1000)/MA V(Sol)mL
= (5×1000)/(40×450) =0.278 M
= 0.278 mol L-1
फार्मलता (Formality) (F)
एक लिटर विलयन में घुले विलेय पदार्थ के ग्राम सूत्र भारों की संख्या उस विलयन की फार्मलता (F) कहलाती है।
आयनिक यौगिक जैसे- CuSO4, NaCl, KNO3 आदि अणु के रूप में नहीं होते हैं। अतः इनकी सूत्र इकाई के आधार पर, इनके अणुभार के स्थान पर सूत्रभार का प्रयोग किया जाता है। अतः NaCl का सूत्रभार 58.5 है न कि अणुभार 58.5 है। परन्तु ज्यादातर इन सभी यौगिकों की सान्द्रता को फार्मलता के बजाय मोलरता ही लिखकर व्यक्त करते हैं।
मोललता Molality
विलायक के 1000 gm (1kg) में घुले हुये विलेय के मोलों की संख्या विलयन की मोललता कहलाती है। इसे m द्वारा प्रदर्शित करते हैं मोललता की इकाई मोल प्रति कि.ग्रा. विलायक है।
WB = विलायक का द्रव्यमान ग्राम में।
NCERT पाठ्यपुस्तक के उदाहरण 1.3. 2.5 gm एथेनोइक अम्ल (CH3COOH) के 75gm बेंजीन में विलयन की मोललता की गणना कीजिये।
हल-CH3COOH का मोलर द्रव्यमान = 60
CH3COOH के मोल = 2.5/60 = 0.0417mol 60
बेंजीन का द्रव्यमान = 75 gm = 75×10-3 kg
CH3COOH की मोललता = CH3COOH के मोल / विलायक (बेंजीन) का द्रव्यमान kg
m = 0.0417 / 75×10-3 M = 0.556 mol kg-1